विद्याभारती e पाठशाला

संस्कृति बोध – 9 चौसठ कलाएँ

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संस्कृति बोध – 9
चौसठ कलाएँ
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भारतीय साहित्य में कलाओं की अलग-अलग गणना दी गयी है। कामसूत्र, शुक्रनीति आदि में 64 कलाओं का वर्णन है। दण्डी ने काव्यादर्श में इनको ‘कामार्थसंश्रयाः’ कहा है (अर्थात् काम और अर्थ कला के ऊपर आश्रय पाते हैं।) –

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