विद्याभारती e पाठशाला

Lesson 25 शिशु मंदिर योजना का स्वरूप एवं परिचय

Lesson 25 शिशु मंदिर योजना का स्वरूप एवं परिचय
शिशु मंदिर योजना का स्वरूप एवं परिचय
विद्या भारती देश का सबसे बड़ा गैर सरकारी शिक्षण संस्थान है अपने विचारों से सीधे संस्कार के माध्यम से समाज परिवर्तन एवं राष्ट्र को जग सिर मोर बनाना अभीष्ट उद्देश्य है
संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरु जी की प्रेरणा एवं हनुमान पोद्दार के प्रयास से सन 1952 में प्रथम शिशु मंदिर गोरखपुर उत्तर प्रदेश में प्रारंभ हुआ
आज देश में लगभग 15019 औपचारिक विद्यालय हैं
साथ ही एकल विद्यालय संस्कार केंद्र 10856 है
मैं 34500 69 छात्र एवं 146724 आचार्य कार्यरत है
कश्मीर से कन्याकुमारी एवं अटक से कटक उड़ीसा तक सभी राज्यों में शिशु मंदिर योजना के विद्यालय सफलतापूर्वक संचालित हैं ।
सन 1978 में इसे एक राष्ट्रीय संगठन का स्वरूप प्राप्त हुआ जिसे विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के नाम से जाना जाता है।
संपूर्ण देश के 11 क्षेत्रों में 29 राज्यों में उन्नति प्रादेशिक समितियां इसका कार्य देख रही हैं ।
शिशु मंदिर मातृभाषा शिक्षण को सर्वश्रेष्ठ विद्यालय हैं ।
समाज का विश्वास प्राप्त कर विशेष रीति-नीति एवं कार्य पद्धति के साथ शिक्षा केंद्र आगे बढ़ते जा रहे हैं

Lesson 25 शिशु मंदिर योजना का स्वरूप एवं परिचय
कक्षा प्रबंध 2 

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