विद्याभारती e पाठशाला

Lesson 46 साबुन, अपमार्जक और वहुलक

Lesson 46 साबुन, अपमार्जक और वहुलक

साबुन== साबुन उच्च अणु भार वाले कार्बनिक वसीय अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण है। मृदु साबुन का सूत्र C17H35COOK एवं कठोर साबुन का सूत्र C17H35COONa है। साबुनीकरण की क्रिया में वनस्पति तेल या वसा एवं कास्टिक सोडा या कास्टिक पोटाश के जलीय घोल को गर्म करके रासायनिक प्रतिक्रिया के द्वारा साबुन का निर्माण होता तथा ग्लीसराल मुक्त होता है।

अपमार्जक== अपमार्जक (detergent) ऐसे पृष्ठ संक्रियक (surfactant) पदार्थ हैं जिनके तनु विलयन में सफाई करने की क्षमता होती है। ये प्रायः एल्किलबेंजीनसल्फोनेट होते हैं जो साबुन के समान ही होते हैं किन्तु कठोर जल में साबुन से अधिक विलेय होते हैं।

पॉलीमर == वहुलक बहुत अधिक अणु मात्रा वाला कार्बनिक यौगिक होता है। यह सरल अणुओं जिन्हें मोनोमर कहा जाता; के बहुत अधिक इकाईयों के पॉलीमेराइजेशन के फलस्वरूप बनता है। पॉलीमर में बहुत सारी एक ही तरह की आवर्ती संरचनात्मक इकाईयाँ यानि मोनोमर संयोजी बन्ध (कोवैलेन्ट बॉण्ड) से जुड़ी होती हैं।

(2) क्रोयोनिक्स : मृत्यु पर विजय पाने का प्रयास

1964 मे वैज्ञानिक और लेखक राबर्ट एटीन्गर(Robert Ettinger) ने एक 62 पृष्ठ का एक घोषणा पत्र प्रकाशित किया जिसका नाम था “द प्रास्पेक्ट आफ़ इम्मोर्टलीटी(अमरता की संभावना)”, अब यह घोषणा पत्र बढ़कर 200 पन्नो का हो चुका है और वह अब इस तकनीक से जुड़े वैज्ञानिक, नैतिक और आर्थिक पहलुओं का भी समावेश करता है। इस का आरंभ ऐसे होता है।

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Lesson 46 साबुन, अपमार्जक और वहुलक
(2) क्रोयोनिक्स : मृत्यु पर विजय पाने का प्रयास

आज हमारी 45 दिवसीय विज्ञान शिक्षण की सक्रीय कक्षा का अंतिम दिवस है हमने इस विज्ञान की कक्षा मे सामान्य विज्ञान , पर्यावरण ,
भौतिक विज्ञान , जीव विज्ञान , रसायन विज्ञान , प्रयोग , ऐसा क्यो? , रोचक विज्ञान , और धर्म और विज्ञान के विभिन्न विषयो का अध्ययन कार्य किया जिसमे आप सभी विज्ञान प्रेमीयो की सहभगिता सरहनीय रही l

आप सब की सक्रिय सहभागिता के लिये e – पाठ शाला परिवार आप का अभार व्यक्त करता है और आशा करता है आपकी यहा सक्रिय सहभागिता आगे भी ऐसे ही बनी रहेगी l

हमे विश्वास है आपको विज्ञान शिक्षण मे आनन्द बहुत आया होगा …..

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