विद्याभारती e पाठशाला

Lesson – 42 धातु और अधातु

Lesson – 42 धातु और अधातु
1- धातु और अधातु
धातु
रसायनशास्त्र के अनुसार धातु (metals) वे तत्व हैं जो सरलता से इलेक्ट्रान त्याग कर धनायन बनाते हैं और धातुओं के परमाणुओं के साथ धात्विक बंध बनाते हैं। इलेक्ट्रानिक मॉडल के आधार पर, धातु इलेक्ट्रानों द्वारा आच्छादित धनायनों का एक लैटिस हैं।
सामान्यतः धातुयें विद्युत की सुचालक होती है, तथा अम्लों से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस विस्थापित करती है। साधारण अवस्था में पाया गेलियम व सीजियम को छोड़कर सभी धातुयें ठोस अवस्था में पायी जाती हैं। धातुओं में, तन्यता, उच्च ऊष्मा चालकता, आधातवर्धनीयता, उच्च वैद्युत चालकता उच्च तनन क्षमता, सुपट्यता आदि गुण पाये जाते हैं। धातुएं कठोर होती हैं तथा उनमें धातुई चमक पायी जाती है। पारा ऐसा धातु है जो द्रव की अवस्था में रहता है।
धातुओं की पारम्परिक परिभाषा उनके बाह्य गुणों के आधार पर दी जाती है। सामान्यतः धातु चमकीले, प्रत्यास्थ, आघातवर्धनीय और सुगढ होते हैं। धातु उष्मा और विद्युत के अच्छे चालक होते हैं जबकि अधातु सामान्यतः भंगुर, चमकहीन और विद्युत तथा ऊष्मा के कुचालक होते हैं।

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Lesson – 42 धातु और अधातु
2- विज्ञान प्रयोग – वायु दबाव(न्यू) Air Pressure (New)

विडियो देखें…
https://www.youtube.com/watch?v=ki4jXHfdN10
https://www.youtube.com/watch?v=9j2i7MwtuEU

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