विद्याभारती e पाठशाला

Lesson 35 हार्मोन

Lesson 35 हार्मोन
1-हार्मोन
हार्मोन मानव शरीर की अंत:स्रावी ग्रंथियाँ विभिन्न प्रकार के उद्दीपन में ऐसे पदार्थों का स्राव करती हैं जिनसे शरीर में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं। ये स्राव रुधिर वाहिनियों द्वारा अंतकोंशिका ऊतक द्रव से बहकर लक्ष्य अंगों तक पहुँचते है। अत: इन ग्रंथियों को वाहिनी ग्रंथि कहते हैं। सर्वप्रथम 1905 ई. में स्टलिंग ने सेक्रेटिंग स्राव के संबंध में हार्मोन शब्द का प्रयोग किया था। हार्मोन शब्द का अर्थ होता है उद्दीपन करने वाला अथवा गति का प्रारंभ करने वाला। शरीर में अम्लकृत भोजन जब आमाशय से आगे पहुँचता है तब ड्युओडिनल श्लेष्मकला की कोशिकाओं से सेक्रेटिन का स्राव होता है।

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Lesson 35 हार्मोन
2- रोचक विज्ञान में -ये भी हैं खोजी वैज्ञानिक
3- विज्ञान प्रयोग-

विडियो यहाँ से देखें–
https://www.youtube.com/watch?v=6wmhXak3Dg8
https://www.youtube.com/watch?v=8W_KbJ_6vMM

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