विद्याभारती e पाठशाला

Lesson – 32 परिसंचरण तन्त्र

Lesson – 32 परिसंचरण तन्त्र
1- परिसंचरण तन्त्र
परिसंचरण
बहुकोशिकीय प्राणियों के शरीर में तरल या संवहनीय संयोजी ऊतक पचे हुए पोषक पदार्थों, ऑक्सीजन, हार्मोन्स, कार्बन डाइऑक्साइड तथा अन्य उत्सर्जी पदार्थों के लिये यातायात का कार्य करता है।
पौधों में परिसंचरण तंत्र की क्रियाविधि
पौधों में परिसंचरण तंत्र का अर्थ है-किसी पौधे के द्वारा अवशोषित या निर्मित पदार्थों का पौधे के अन्य सभी हिस्सों तक पहुंचाना। पौधों में जल और खनिजों को उसके अन्य हिस्सों में तक पहुंचाने की जरूरत पड़ती है। पौधों को पत्तियों में बने भोजन को भी पौधे के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने की जरूरत पड़ती है। पौधे शाखायुक्त होते हैं, ताकि उन्हें प्रकाशसंश्लेषण हेतु कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन प्रसरण (Diffusion) के माध्यम से हवा से सीधे मिल सके।
पौधों में परिसंचरण तंत्र के कार्य करने के लिए दो प्रकार के ऊतक (Tissues) होते हैं। ये हैं–
1) जाइलम
2) फ्लोएम

Pdf  यहाँ से देखिये
Lesson – 32 परिसंचरण तन्त्र
2- रोचक विज्ञान -2017-विज्ञान की शीर्ष 10 घटनायें
3- विज्ञान प्रयोग- गुब्बारे का प्रयोग

विडियो यहाँ से देखें —
https://www.youtube.com/watch?v=lUaY38nD3XI
https://www.youtube.com/watch?v=ZDtZTwPVbwU
https://www.youtube.com/watch?v=cxc39yRtu20

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