विद्याभारती e पाठशाला

Lesson – 21 विद्युत धारा के प्रभाव (खगोल विज्ञान)

Lesson – 21 विद्युत धारा के प्रभाव (खगोल विज्ञान)
1- विद्युत धारा के प्रभाव (खगोल विज्ञान)
प्रवहमान विद्युत् धारा के मुख्यतः निम्नलिखित प्रभाव हैं- चुम्बकीय प्रभाव, ऊष्मीय प्रभाव, रासायनिक प्रभाव एवं प्रकाशीय प्रभाव।
चुम्बकीय प्रभाव-
जब भी किसी चालक से विद्युत् धारा का प्रवाह होता है, तो चालक के चारों ओर एक चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। सन् 1812 ई० में कोपेनहेगन निवासी ऑर्स्टेड (Oersted) ने एक प्रयोग के द्वारा पता लगाया कि यदि किसी धारावाही तार के समीप चुम्बकीय सूई रखी जाए, तो यह विचलित हो जाती है। चूंकि चुम्बकीय सूई केवल चुम्बकीय क्षेत्र में ही विचलित होती है, अतः स्पष्ट है कि विद्युत्-धारा चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है। इसे ही विद्युत् का चुम्बकीय प्रभाव कहते हैं।

pdf देखें…….
Lesson – 21 विद्युत धारा के प्रभाव (खगोल विज्ञान)
2- जाने ऐसा क्यों- बिजली के कारीगर हाथ में रबड़ के दस्ताने क्यों पहनते है 
3- विज्ञान प्रयोग – विधुत मोटर का एक साधारण सा माडल

विडियो देखें….
https://www.youtube.com/watch?v=lbQa4pnGnJ0
https://www.youtube.com/watch?v=UQDHWv5o9gY
https://www.youtube.com/watch?v=h9BepOsZpi8

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *