विद्याभारती e पाठशाला

Lesson 14 तारामंडल

Lesson 14 तारामंडल
01 तारामंडल
खगोलशास्त्र में आकाश में दिखने वाले कुछ लगभग बराबर चमकीले तारों के ऐसे समूह को कहते हैं जो हमें एक-एक तल में स्थित दिखते हैं, तारामंडल कहलाते हैं। जो आकाश को विभिन्न भागों में बाँट देते हैं। इतिहास में विभिन्न सभ्यताओं नें आकाश में तारों के बीच में कल्पित रेखाएँ खींचकर कुछ आकृतियाँ प्रतीत की हैं जिन्हें उन्होंने नाम दे दिए। तारामंडलों में से कुछ के नाम किसी जीव की आकृति से साम्य होने के आधार पर रखे गऐ हैं। यद्यपि ऐसे कुछ तारों में साधारणत: स्पष्ट साम्य नहीं प्रतीत होता, तथापि उनमें थोड़ी भी कल्पना का योग करने से है उनके नाम के जीवों की आकृति स्पष्ट हो जाती है। अधिकांश तारामंडलों का वर्णन मिलता है, तथापि उनके अंतरराष्ट्रीय नाम यूनानी ज्योतिषी, टॉलिमी की पुस्तक ऐल्माजेस्ट (Almagest) के आधार पर है। इन्होने नामों की उस सूची को अपने पूर्ववर्ती ज्योतिषी हिपार्कस (Hipparchus) से प्राप्त किया था, किंतु इसका यह अभिप्राय नहीं कि तारामंडलों के नाम यूनान मूलक है।

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Lesson 14 तारामंडल
02- अविष्कार एवं अविष्कारक 
03- जाने ऐसा क्यों- चन्द्रमा पर वायुमण्डल नहीं है क्यों
04 विज्ञान प्रयोग–नींबू के रस से अदृश्य स्याही बनाना

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